Thursday, 1 December 2011

कंप्यूटर और मोबाइल पढ़ेंगे रुपए की नई पहचान

मुंबई / नई दिल्ली 

: रुपए के चिन्ह को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब इसे सॉफ्टवेयर शब्दकोष और कंप्यूटर कीबोर्ड में शामिल करने की मुहिम शुरू हो गई है। सेलफोन में भी इस प्रतीक को शामिल करने की जरूरत होगी। इससे रुपए के प्रतीक को जल्दी ग्लोबल पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। माइक्रोसॉफ्ट सहित अन्य सॉफ्टवेयर वेंडर अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में छोटा बदलाव करने को तैयार हैं, लेकिन इससे ही उनके सॉफ्टवेयर शब्दकोष में एक नया सिंबल जुड़ जाएगा। 

दुनिया में कंप्यूटर यूजर्स रुपए के चिन्ह को एक ही बटन (कीस्ट्रोक) से लिख सकेंगे या कुछ कीस्ट्रोक को मिलाकर यह लिखा जा सकेगा। रेड हैट (इंडिया) के डायरेक्टर (सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग) सतीश मोहन का कहना है, 'रुपए के प्रतीक के लिए हमें बहुत कम मेमरी स्पेस की जरूरत होगी।' रेड हैट लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम डिस्ट्रीब्यूट करता है। दुनिया भर के 90 फीसदी से अधिक पीसी में पहले से ही माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज ओएस का इस्तेमाल किया जाता है। माइक्रोसॉफ्ट भी स्थानीय जरूरतों के मुताबिक बदलाव करने से इनकार नहीं कर रही है। कंपनी पहले ही विंडोज एक्सपी के लिए हिंदी, मलयालम, मराठी और तमिल में सपोर्ट मुहैया कराती है। 

माइक्रोसॉफ्ट का ताजा ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज विस्टा 12 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। इसके लिए कीबोर्ड का स्थानीयकरण किया गया है, इसमें फॉन्ट, शेपिंग और स्थानीय भाषाओं के कैरेक्टर का सपोर्ट शामिल है। पीसी बनाने वाली एचपी और एचसीएल जैसी कंपनियां नए इक्विपमेंट को पेश करने की तैयारी में लगी हैं। पीसी बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी घरेलू कंपनी एचसीएल इंफोसिस्टम्स के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट जॉर्ज पॉल का कहना है, 'नए कीबोर्ड में रुपए के प्रतीक को शामिल किया जाएगा।' सरकार के इस कदम से नए कारोबार की संभावनाएं पैदा हुई हैं। 

कीबोर्ड और प्रिंटर का आकर्षक बाजार है। जब कीबोर्ड में रुपए के नए चिन्ह को शामिल करने पर हार्डवेयर वेंडरों को बैंक, ब्रोकरेज और बीमा कंपनियों जैसे कारोबार से बड़े पैमाने पर आईटी इक्विपमेंट के नए ऑर्डर मिलेंगे। हैंडसेट कंपनियां भी इस बदलाव को स्वीकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सैमसंग इंडिया के डायरेक्टर (मोबाइल और आईटी) रंजीत यादव का कहना है, 'मोबाइल कंपनियों के लिए हैंडसेट में रुपए का प्रतीक शामिल करना लॉजिकल कदम होगा।' 

एचटीसी मोबाइल एंड इंटेक्स टेक्नोलॉजीज (इंडिया) के हैंडसेट में भी रुपए के चिन्ह को लाने की तैयारी शुरू हो गई है। एचटीसी मोबाइल के कंट्री हेड अजय शर्मा का कहना है, 'हम भारतीय ग्राहकों के लिए कस्टमाइज्ड हैंडसेट लॉन्च करने की दिशा में काम कर रहे हैं। रुपए के चिन्ह को शामिल करना आकर्षक होगा। हम इसे लेकर उत्साहित हैं।'कोई बड़ी तकनीकी चुनौती नहींएक बार जब ऑपरेटिंग सिस्टम वेंडर रुपए के प्रतीक को शामिल करेंगे, उसके साथ ही यह टेक र्वल्ड में इसकी पहुंच बन जाएगी। जब जरूरी बटन या कुछ बटनों के समूह को दबाया जाएगा, तब कोई भी ऑपरेटिंग सिस्टम खुद इस चिन्ह की पहचान कर लेगा। इसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए यूनीक नंबर तय किया जाएगा, जो कंप्यूटिंग इंडस्ट्री के स्टैंडर्ड यूनिकोड को सुनिश्चित करता है। 

यूनिकोड के शब्दकोष में 1,07,000 कैरेक्टर हैं।गूगल नए चिन्ह को वेब सपोर्ट मुहैया कराने में कोई खास चुनौती नहीं देख रहा है। गूगल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश राव का कहना है, 'हमारे सभी वेब प्रोडक्ट को वेब कंटेंट में बदलाव को स्वीकार करने के लिए तैयार किया गया है।' यूनिकोड कंसोशिर्यम में भारत का प्रतिनिधित्व टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फॉर इंडियन लैंग्वेज (टीडीआईएल) करता है। टीडीआईएल सूचना तकनीक मंत्रालय के अंतर्गत आता है। एक बार जब कंसोशिर्यम को चिन्ह सौंप दिया जाएगा, तब इसे इजाजत मिलने में छह महीने से लेकर एक साल तक लग सकते हैं। रेड हैट के मोहन का कहना है, 'तकनीकी दृष्टिकोण से यह कोई बड़ी चुनौती नहीं है। ऑपरेटिंग सिस्टम के पास बहु मुदा को सपोर्ट करने वाले फंक्शन मौजूद हैं।' 

नैस्कॉम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट करने वाली कंपनियों को अपने ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर में इस नए चिन्ह को नए प्रोग्राम की तरह स्वीकार करने के लिए प्रेरित करेगा। उधर जेनिथ कंप्यूटर्स के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर देविता श्रॉफ का कहना है, 'यह सॉफ्टवेयर का मुद्दा है, न कि हार्डवेयर का। एक बार इसके तय हो जाने के बाद हम अपने प्रोडक्ट को मांग के मुताबिक बाजार में उतारेंगे।'

Sohrabuddin encounter

NEW DELHI: The Supreme Court on Thursday directed the Gujarat government to submit CDs with call details of senior state police officials allegedly involved in Sohrabuddin fake encounter case.
The apex court pulled up the state government for not handing over crucial CDs to the CBI in connection with the case.
The Centre on Wednesday had asked the Supreme Court to initiate contempt proceedings against former Gujarat home minister Amit Shah and his lawyer Ram Jethmalani for questioning the impartiality of the judge who ordered the CBI probe in the Sohrabuddin Sheikh fake encounter case.

Additional Solicitor General Indira Jaising said the allegation of conspiracy among the Judge (Justice Tarun Chatterjee now retired), the Centre and the CBI made by Shah amounts to contempt of court.

"The alleged interest of the judge whether personal or otherwise is not only fanciful but the averments to that effect are nothing short of contempt of this court," she said before a bench of Justices Aftab Alam and Ranjana Prakash Desai.

She was referring to the contentions of Shah who alleged that the CBI was used by the Centre and in this conspiracy the possible bias of the judge played a critical role for getting the case transferred to the agency.

Questioning the order of January 12, 2010, senior advocate Jethmalani, appearing for Shah, said that at the time of passing the order the judge was himself under the scrutiny of the CBI in the Ghaziabad Provident Fund scam and he should have at the first instance recused himself from hearing the fake encounter case.

The Centre, while refuting all the allegations, said that the politician, a close aide of Gujarat chief minister Narendra Modi, has failed to produce any evidence to substantiate the claim.


POLITICS IN UP

Hi,
friends..
what do you think about development ...
I think we are wrong.. because in U.P. development means partition. According the current U.P. Government.
Very cheep excuse says by the Govt. development is not possible because U.P. is a big state.