सामान्य जानकारी :-
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश का एक महत्त्वपूर्ण जनपद है, इसका विवरण स्वाधीनता की लड़ाई में भी आता है !!
यह जनपद जिलाी नदी के दक्षिण में स्थित है ! यह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के उत्तर- पूर्व तथा पूजा स्थली वाराणसी के पश्चिम में है !
यह दोनों नगरो लखनऊ तथा वाराणसी के मध्य में स्थित है ! यह स्थान हिन्दू तथा बुद्ध धर्मो का केंद्र रह हुका है, लेकिन १२ वीं शताब्दी में मुस्लिम शासन द्वारा ise नष्ट कर दिया गया, लेकिन १८५७ की क्रांति में यह जिला पूरी तरह से बर्बाद हो गया !
KNNIT उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित एक प्रतिष्ठित प्रयोधोगिक संसथान है ! जो भारत सरकार के पूर्व कृषि मंत्री स्व. बाबु. केदारनाथ के अथक प्रयाशों का परिणाम है !
वर्ष २००१ के अनुसार यहाँ की पुरुष साक्षरता ५३% तथा महिला साक्षरता ४७& है, १३% जनसँख्या ७ वर्ष से कम उम्र के बचों की है !
सुल्तानपुर का इतिहास :
इतिहास के पन्नों से पता चलता है की सुल्तानपुर का इतिहास बहुत पुराना है ! इस जिले का ७६% भाग राजपूतों में बँटा हुआ था, बाकि का शेष भाग राजकुमारों व रजवारों को मिला हुआ था, उस समय के राजाओं में मुख्या रूप से दियारा के राजा, अमेठी परगना के राजा तथा कई अन्य क्षेत्रीय भागों में बँटा हुआ था..
इनमे कई क्षेत्र मुख्या थे जैसे की, मुसाफिरखाना, जगदीशपुर, कोइरिपुर, जामों, कादीपुर, गारापुर तथा कई अन्य भागों में बँटा हुआ था ..
धार्मिक स्थान :
सुल्तानपुर में कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थान हैं जैसे की बिजेथुआ का हनुमान मंदिर, लोह्रामाऊ का माता का मंदिर, पांचो पीरन की मजार, पयागिपुर का बाबा पहलवान वीर बाबा, धोपाप का स्नान, पांडे बाबा, लम्भुआ का बाबा जनवरी नाथ धाम मंदिर इत्यादी कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान हैं जहाँ जाकर हमारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं !
शहर के मध्य में ही स्थित पारिजात वृक्ष को कौन भूल सकता है जिसके बारे में कहा जाता है की ये वृक्ष समुद्र मंथन से उत्पन हुआ था ..
नवरात्रि में पांच दिन चलने वाले दुर्गा पूजा को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं !
हम ये कह सकते हैं की सुल्तानपुर एक सभी धर्मो का संगम है. यहाँ की संस्कृति बहुत ही समृद्ध और सुदृढ़ है !